Home

Basant Bibliography Chronology
Dohay
Dosukhnay

Farsi poetry Hindi poetry
Keh mukarni
Legends

links
Qawwalis
Resources Riddles
Your feedback

अमीर खुसरौ के हिंदी काव्य के कुछ नमूने

गोरी सोवे सेज पर मुख पर डारे केस
चल खुसरौ घर आपने साँझ भई चहु देस

खुसरौ रैन सुहाग की जो जगी पी के संग
तन मोरा मन पियु का दोनों भये एक रंग

खुसरौ दरया प्रेम का उलटी वा की धार
जो उतरा सो डूब गया जो डूबा सो पार

लिपट लिपट के वा से सोई
छाती से छाती लगाके रोई
दांत से दांत बजे तो ताड़ा
एय सखी साजन न सखी जाड़ा

खीर पकाई जतन से चरखा दिया जला
आया कुत्ता खा गया तू बेठी ढोल बजा (ला पानी पिला)

English transliteration and translation of the above is available here.

Yousuf Saeed, 2003